झीरम फैसले पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर न्यायिक लड़ाई तक; बैज बोले- 13 साल बाद भी न्याय नहीं मिला

राजीव भवन की बैठक में तीन बड़े फैसले, आलाकमान से चर्चा करेगी कांग्रेस; भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर भी उठाए सवाल


रायपुर। झीरम कांड मामले में NIA के फैसले को लेकर कांग्रेस ने अब आगे की लड़ाई तेज करने का फैसला किया है। शनिवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं और झीरम पीड़ित परिवारों के साथ हुई बैठक में पार्टी ने तीन बड़े निर्णय लिए। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर जल्द ही पार्टी आलाकमान से चर्चा करेगी और दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना पक्ष रखेगी। इसके साथ ही मामले में न्यायिक लड़ाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

बैठक के बाद PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस लगातार यह बात कहती रही है कि NIA का फैसला आया है, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है। बैज के मुताबिक, बैठक के दौरान पीड़ित परिवारों से चर्चा हुई और इस दौरान उनके दर्द और भावनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि 13 साल बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवारों का दर्द खत्म नहीं हुआ है। इसी को लेकर कांग्रेस ने आगे की रणनीति तैयार की है।

कांग्रेस के तीन बड़े फैसले

1. आलाकमान से करेगी चर्चा
कांग्रेस जल्द ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर झीरम मामले में आए फैसले और आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी।

2. दिल्ली में होगी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
पार्टी ने दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला लिया है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झीरम पीड़ित परिवारों के सदस्य शामिल होकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

3. न्यायिक लड़ाई जारी रखेगी कांग्रेस
वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद कांग्रेस ने इस मामले में आगे न्यायिक लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।

भूपेश बघेल ने NIA जांच पर उठाए सवाल

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी झीरम मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से कवासी लखमा से जुड़े NIA के जांच निष्कर्षों का हवाला देते हुए सवाल किया कि यदि जांच में संदेह की स्थिति थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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बघेल ने कहा कि यदि NIA की जांच सही थी तो संबंधित मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने NIA की जांच पर ही संदेह जताते हुए ED और CBI को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए।

हालांकि, ये बघेल और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े निष्कर्षों को संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और अदालत के आदेशों के संदर्भ में देखा जाना होगा।

अब झीरम मामले में आगे क्या?

कांग्रेस के फैसले के बाद झीरम मामले को लेकर राजनीतिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। पार्टी पहले आलाकमान के साथ चर्चा करेगी, इसके बाद दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना पक्ष रखेगी। वहीं, न्यायिक लड़ाई आगे बढ़ाने का फैसला इस मामले को एक बार फिर कानूनी मंच पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

cgnews24 Team

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